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Begusarai Vigilance Raid: रिश्वत लेते पकड़ा गया सरकारी कर्मी, निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई

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बिहार के बेगूसराय में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने सहायक नियंत्रक मापतोल कार्यालय के एक लिपिक को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। मामले में जांच जारी है।

बेगूसराय/आलम की खबर: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी कार्रवाई के बीच बेगूसराय से एक बड़ा मामला सामने आया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने रिश्वत लेने के आरोप में एक सरकारी कर्मी को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है और पूरे जिले में मामले की चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि आरोपी सरकारी कर्मचारी लाइसेंस नवीनीकरण के नाम पर अवैध वसूली कर रहा था।

जानकारी के अनुसार गिरफ्तार कर्मचारी की पहचान पुष्कर कुमार के रूप में हुई है, जो सहायक नियंत्रक मापतोल कार्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत था। आरोप है कि उसने बटखारा लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए एक आवेदक से पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने जब इस मामले की जानकारी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को दी, तब पूरे मामले की गुप्त जांच शुरू की गई।

सूत्रों के मुताबिक निगरानी विभाग ने पहले शिकायत का सत्यापन कराया। जब रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई, तब आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष योजना तैयार की गई। शिकायतकर्ता को तय रकम के साथ आरोपी के पास भेजा गया और निगरानी टीम आसपास पहले से मौजूद रही। जैसे ही आरोपी ने रुपये लिए, टीम ने तुरंत उसे रंगेहाथ पकड़ लिया।

कार्रवाई इतनी गोपनीय तरीके से की गई कि आरोपी को इसकी भनक तक नहीं लगी। गिरफ्तारी के बाद कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहां मौजूद लोग अचानक हुई कार्रवाई को देखकर हैरान रह गए। कुछ ही देर में यह खबर पूरे इलाके में फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चा करने लगे।

निगरानी विभाग ने इस मामले में निगरानी थाना कांड संख्या 62/26 दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं इस मामले में अन्य लोग भी शामिल तो नहीं हैं। जांच एजेंसियां आरोपी के संपर्कों और कार्यालय में उसकी गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं।

बताया जा रहा है कि बिहार में सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार की शिकायतों को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विभिन्न विभागों में रिश्वतखोरी और अवैध वसूली की शिकायतें मिलने के बाद निगरानी विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सेवाओं के बदले रिश्वत लेना किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि आम नागरिकों को सरकारी कार्यों के लिए कई बार अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लाइसेंस, प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में निगरानी विभाग की कार्रवाई लोगों के बीच विश्वास पैदा करने का काम करती है।

स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह लगातार कार्रवाई होती रही तो सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। कई लोगों ने यह भी कहा कि आम नागरिक अक्सर मजबूरी में रिश्वत देने को मजबूर हो जाते हैं, इसलिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।

कानूनी जानकारों के अनुसार रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े जाने के मामलों में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है। यदि आरोप साबित होते हैं तो आरोपी को जेल की सजा के साथ सरकारी सेवा से भी बर्खास्त किया जा सकता है।

निगरानी विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में उनसे रिश्वत मांगी जाती है तो तुरंत इसकी शिकायत करें। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई होगी।

सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में निगरानी विभाग अन्य जिलों में भी इसी तरह की कार्रवाई कर सकता है। विभाग की नजर कई सरकारी कार्यालयों पर बनी हुई है, जहां भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।

फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले की जांच गहराई से की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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